भारत में दिखाई देने वाला चंद्र ग्रहण 8 नवम्बर 2022 दिन मंगलवार को सायंकाल में आरंभ होगा।
यह ग्रहण भारतीय स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से सायं 6 बजकर 19 तक रहेगा। (यह ग्रहण का खगोलीय समय है।)
धार्मिक कृत्यों के लिये ग्रहण का प्रभाव तभी माना जाता है जब वह दिखाई देने लगता है। इसलिए इस चन्द्र ग्रहण में चन्द्र उदय के बाद से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक का समय ही धार्मिक विधि-निषेध के लिये मान्य होगा।
कार्तिक पूर्णिमा को पडनें वाला इस ग्रहण पर चन्द्रोदय सहारनपुर के स्थानीय समय के अनुसार सायं 5 बजकर 24 मिनट पर होगा।
इसलिए ग्रहण का आरंभ भी सायं 5 बजकर 24 मिनट से ही माना जायेगा। सायं 6 बजकर 19 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जायेगा।
धार्मिक कार्यों के लिये ग्रहण की कुल अवधि 55 मिनट रहेगी।
ग्रहण का सूतक-
ग्रहण का सूतक 8 नवंबर मंगलवार को प्रातः 8 बजकर 24 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा।
ग्रहण काल में क्या करें-
ग्रहण प्रारंभ होने से पूर्व स्नान करना चाहिए और ग्रहण काल आरंभ होते ही मंत्र जप करना चाहिए ग्रहण समाप्त होने तक निरंतर मंत्र जप करते रहना चाहिए ।
ग्रहण आरंभ होने से पूर्व ही गर्भवती स्त्री पवित्र स्थान पर बैठकर अपनी गोद में सूखा नारियल रखें और ग्रहण के समाप्ति तक श्री विष्णवे नमः इस मंत्र का जप करें। ग्रहण के बाद यह नारियल घर का कोई भी सदस्य बहते जल में प्रवाहित कर दें ।
ग्रहण काल में देव मूर्ति का स्पर्श ,अनावश्यक खानपान, सोना, नाखून -बाल काटना ,हजामत बनाना ,तेल मालिश करना ,मल-मूत्र त्यागना, अनावश्यक घूमना वर्जित है।
छोटे बालक, रोगी एवं वृद्ध व्यक्ति आवश्यकतानुसार जल औषधि आदि का सेवन कर सकते हैं।
विभिन्न राशियों पर ग्रहण का प्रभाव-
यह चन्द्र ग्रहण ग्रहण भरणी नक्षत्र मेष राशि पर घटित हो रहा है। के प्रथम चरण में स्पर्श करके उत्तराषाढा नक्षत्र के द्वितीय चरण में समाप्त होगा।
इसलिए मेष राशि में उत्पन्न जातकों को विशेष रूप से चंद्र व राहु ग्रह के मन्त्र का जप विषय लाभदायक रहेगा।
विभिन्न राशि वालों को ग्रहण का असर इस प्रकार रहेगा ।
मेष राशि - शरीर कष्ट, चोट भय व धन क्षय की संभावना है।
वृष राशि - धन हानि न मानसिक तनाव की संभावना है।
मिथुन राशि -धन लाभ एवं सुख की प्राप्ति होगी।
कर्क राशि - रोग, कष्ट, चिन्ता व भय की सम्भावना है।
सिंह राशि- संतान सम्बन्धी चिंता हो सकती है। ।
कन्या राशि - शत्रु भय व दुर्घटना की सम्भावना रहेगी साथ ही खर्च में अधिकता रहेगी।
तुला राशि- जीवन साथी का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
वृश्चिक राशि-रोग व गुप्त चिन्ता परेशान कर सकती है साथ ही महत्वपूर्ण कार्यो में विलम्ब हो सकता है।
धनु राशि-अनावश्यक खर्च की अधिकता रहेगी साथ ही अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ सकती है।
मकर राशि-कार्य सिद्धी एवं धन लाभ होगा।
कुंभ राशि-प्रगति उत्साह एवं पुरुषार्थ की वृद्धि होगी।
मीन राशि-धन हानि, खर्च की अधिकता और अनावश्यक यात्राएं हो सकती है।
जिन जातकों को यह ग्रहण अशुभ फल देने वाला है उन्हें अपनी राशि के अनुसार वस्तुओं का दान एवं ग्रहण काल में अपनी राशि के स्वामी का मंत्र जप करना विशेष लाभकारी रहेगा
©®आचार्य पण्डित रोहित वशिष्ठ
सिद्धपीठ शिव बगलामुखी मंदिर, ब्रह्मपुरी कालोनी, पेपर मिल रोड, सहारनपुर
(9690066000 9897191499)
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