मंगलवार, 2 मई 2023

क्यो करते है राजनीतिज्ञ माॅं बगलामुखी की आराधना

क्यो करते है राजनीतिज्ञ माॅं बगलामुखी की आराधना-आचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ 
क्यो करते है राजनीतिज्ञ माॅं बगलामुखी की आराधना-आचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ

माँ बगलामुखी कृपा से ही  राजयोग स्थिर रहता है।  सत्ता-महत्ता दोनो ही इनके अधीन हैं। इसलिए नेता-अभिनेता सभी इनकी शरण में जाते हैं। 

बगलामुखी स्तम्भन की देवी कही जाती है इनकी आराधना करने वाले को शत्रु कभी हावी नही हो पाते। माॅं बगलामुखी की आराधना से बडे से बडा शत्रु भी धराशायी हो जाता है। यही कारण है कि मां बगलामुखी के दरबार में नेता-अभिनेता  सभी हाजिरी लगाते रहते  हैं। 

माँ बगलामुखी का स्वभाव ही है कल्याण करना

भारत चीन युद्ध के समय पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु नें दतिया में स्थित पीताम्बरा पीठ में 51 कुण्डीय यज्ञ कराया था। यज्ञ के 11वें दिन‌ यज्ञ की पूर्णाहुति हुई तो पूर्णाहुति के साथ ही चीन ने अपनी सेना वापिस बुला ली थी। यह यज्ञशाला आज भी इस मंदिर में विद्यमान है और वहां पट्टिका पर इस बात का उल्लेख भी है।
  
इंदिरा गाधी भी करती थी माॅं बगलामुखी की उपासना 
सन 1977 में चुनावों में हार के बाद पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने हिमाचल प्रदेश के कांगडा जिले के देहरा में  स्थित बगलामुखी के प्राचीन मंदिर में  माॅं बगलामुखी का अनुष्ठान करवाया था। उसके बाद वह एक बार फिर दोबारा सत्ता में आई और 1980 में देश की प्रधानमंत्री बनी.